हम अपने मन से अपनी सोच से अपनी क्रियाओं से अपने अस्तित्व का निर्माणबखान करते हैं। कई सारे मोटिवेशनल लेक्चर्स कोट्स भी पढ़ते रहते हैं। वो सब हमारे अपने बनाये मन मस्तिक्ष में आये हुए विचारों से संचालित होते रहते हैं। ऐसा नहीं है की इसमें सच नहीं है की मन मिथ्या है -सच है लेकिन कोई मिथक सत्य के काँधे के सहारे खड़ा रहता है। सत्य की दूर तक जाती हुई
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